बहरैन में मानवाधिकार संगठन नें आले ख़लीफ़ा की हिंसक कार्यवाहियों की निंदा की है। मानवाधिकार संगठन नें कहा कि आले ख़लीफ़ा लगातार राजनीतिक लीडरों को गिरफ़्तार कर रही है और उन पर तरह तरह से पाबंदियां लगा रही है। इस संगठन नें कहा कि आले ख़लीफ़ा की शाही सरकार राजनीतिक क़ैदियों के घर वालों को उनसे बदला लेने के उद्देश्य से गिरफ़्तार कर के शारीरिक रूप से तकलीफ़ें देती है। मानवाधिकारों के संगठन के बयान में आया है कि आले ख़लीफ़ा के लोगों नें तहरीके हक़ के सिक्रेट्री जनरल हसन के बीस साल के बेटे अहमद हसन को गिरफ़्तार कर के बहुत सताया है। याद रहे कि बहरैन की जनता अपने कुचले हुए अधिकारों को पाने के लिये विरोध कर रही है।
13 जनवरी 2014 - 20:30
समाचार कोड: 496957
मानवाधिकार संगठन नें कहा कि आले ख़लीफ़ा लगातार राजनीतिक लीडरों को गिरफ़्तार कर रही है और उन पर तरह तरह से पाबंदियां लगा रही है।